@DrKumarVishwas मेरी हर आस तू में बांसुरी हर सांस तू। मन गगन के चंद्रमा चांदनी तेरी। तू सुर मेरा मेरा में रागिनी तेरी तू ही है जन्मो से सदियों से। तू ही है माथे का सिंदूर सौभाग्य भी तू। तू है इन हाथों की रेखा मर्यादा भी तू। Thank you for this beautiful lyrics sir @DrKumarVishwas ♥️♥️
Оригинал